नॉलेज ब्रीफ

एक नेचुरल ड्राफ्ट जिगजैग भट्ठे (एन.डी.जेड.के.) में ईंटों की भराई कैसे की जाता है?

एक नेचुरल नेचुरल ड्राफ्ट जिगजैग भट्ठे (एन.डी.जेड.के.) में, ईंटों की भराई एक फिक्सड चिमनी बुल्स ट्रेंच भट्ठे (एफ.सी.बी.टी.के.) से अलग होती है। आमतौर पर एन.डी.जेड.के. में, दो ज़िगज़ैग रास्तों वाली (डबल) या तीन जिगजैग रास्तों वाली (ट्रिपल) जिगजैग भराई की जाती है। आजकल, कुछ बड़े भट्ठों में, चार ज़िगज़ैग रास्तों वाली भराई भी की जा रही है।

विज्ञापन

एक एफ.सी.बी.टी.के. की तुलना में एन.डी.जेड.के. में ईंटों की भराई का तरीका किस तरह से अलग होता है?

एक एफसीबीटीके में ईंटों की भराई
एक एफ.सी.बी.टी.के. में ईंटों की भराई

एक एफ.सी.बी.टी.के. में, ईंटों को ट्रेंच की चौड़ाई में पायों की एक लाइन में सजाया जाता है। पायों की लाइनें हवा के बहाव की दिशा में एक के बाद एक करके सजायी जाती हैं।

एक एनडीजेडके में ईंटों की भराई
एक एन.डी.जेड.के. में ईंटों की भराई

एक एन.डी.जेड.के. में, ईंटों की भराई इस तरह की जाती है जिससे भट्ठे में ईंटों के अलग-अलग चेम्बर बन जाते हैं। एफ.सी.बी.टी.के. की तरह, एन.डी.जेड.के. में भी, ईंटों को ट्रेंच की चौड़ाई में पायों की एक लाइन में सजाया जाता है। हालांकि, एफ.सी.बी.टी.के. के विपरीत, ईंटों के पाये एक समान चौड़ाई के नहीं होते। एन.डी.जेड.के. में, एक चेम्बर में पायों की ऐसी पांच लाइनें होती हैं।

ईंट भराई अलग होने के कारण, दोनों तरह के भट्ठों में हवा बहने का मार्ग भी अलग होता है। एक एफ.सी.बी.टी.के. में, हवा ट्रेंच की लंबाई में एक सीधे रास्ते में बहती है। एक एन.डी.जेड.के. में, ट्रेंच की चौड़ाई और लंबाई दोनों में एक जिगजैग रास्ते में बहती है। हवा एक जिगजैग पथ पर कैसे बहती है, इस नौलेज ब्रीफ में आगे इसे विस्तार से समझाया गया है।

विज्ञापन

किसी एन.डी.जेड.के. में एक चेम्बर का आकार क्या होता है?

चेम्बर के डायमेंसन (आयाम) निम्न तरीके से निर्धारित होते हैं:

  1. एक चेम्बर की चौड़ाई ट्रेंच की चौड़ाई के बराबर होती है।
  2. एक चेम्बर की लंबाई ईंट के आकार पर निर्भर करती है। एक चेम्बर में ईंटों की पांच लाइनें होती हैं। प्रत्येक लाइन की मोटाई एक ईंट की लंबाई के बराबर होती है। दो लाइनों के बीच लगभग आधी ईंट की लंबाई का गैप (अंतर) होता है। एक चेम्बर की लंबाई आमतौर पर 5 फीट 8 इंच और 6 फीट 3 इंच (1.7-1.9 मीटर) के बीच होती है।

एक एन.डी.जेड.के. में एक चेम्बर में ईंटों को कैसे सजाया जाता है?

एक चैम्बर की बीच की लाइनों में ईंटों के कॉलम
एक चेम्बर की बीच की लाइनों में ईंटों के कॉलम
एक चैम्बर में ईंटों की लाइनें
एक चेम्बर में ईंटों की लाइनें

एक चेम्बर में, ईंटों को निम्नलिखित विधि के अनुसार सजाया जाता है:

  1. आम तौर पर, ईंटों को एक चेम्बर में पांच लाइनों में सजाया जाता है जिसमें एक ‘अन्तिम लाइन’ और चार ‘बीच की लाइनें’ होती हैं। प्रत्येक लाइन की मोटाई एक ईंट की लंबाई के बराबर होती है। दो लाइनों के बीच लगभग आधी ईंट की लंबाई का अंतर होता है।
  2. चेम्बर की बीच की लाइनों में ईंटों के कई पाये होते हैं। ज़िगज़ैग भट्ठे में एफ.सी.बी.टी.के. के विपरीत, एक लाइन में सभी पाये एक ही चौड़ाई के नहीं होते हैं।
  3. चेम्बर की आखिरी लाइन (पांचवीं लाइन) एक ईंट की दीवार की तरह होती है जिसके मध्य में या किनारों की तरफ हवा के निकलने के लिए रास्ते छोड़े जाते हैं।
  4. पायों की संख्या और चौड़ाई भट्ठे की उत्पादन क्षमता और ट्रेंच की चौड़ाई पर निर्भर करता है।
  5. ईंटें भराई को संरचनात्मक (स्ट्रक्चरल) रूप से स्थिर बनाने के लिए पास की लाइनों को कई स्तरों पर ईंटों की सहायता से जोड़ा जाता है, जिसे बंधन कहते हैं।
  6. ईंटें भराई को संरचनात्मक (स्ट्रक्चरल) रूप से स्थिर बनाने के लिए एक लाइन के पायों को कई स्तरों पर ईंटों की सहायता से जोड़ा जाता है, जिसे जोड़ी कहते हैं।

एक एन.डी.जेड.के. में चेम्बरों के अंतिम सिरे में हवा के बहाव के लिए मुहांने कैसे होते हैं?

किनारों की दीवारों के पास छोड़े गये रास्ते
किनारों की दीवारों के पास छोड़े गये रास्ते
ईंट भराई के मध्य में छोड़े गये रास्ते
ईंट भराई के मध्य में छोड़े गये रास्ते

एक डबल ज़िगज़ैग ईंट भराई में, चैम्बर की आखिरी लाइन (पांचवीं लाइन) में, ट्रेंच की चौड़ाई के दोनों सिरों के पास रास्ते छोड़ दिये जाते हैं। अगले चेम्बर में, आखिरी लाइन में, ट्रेंच की चौड़ाई के मध्य भाग में रास्ते छोड़े जाते हैं। इस तरह, बारी—बारी से चेम्बरों में यही क्रम दोहराया जाता है। चेम्बरो में इस तरह रास्ते छोड़ने के कारण हवा का ज़िगज़ैग बहाव होता है।

एक एन.डी.जेड.के. में डबल ज़िगज़ैग पथ में हवा का बहाव कैसे होता है?

डबल ज़िगज़ैग बहाव में, हवा बारी-बारी से या तो किनारों के रास्ते से मध्य के रास्तों से चेम्बर में प्रवेश करती है।

जब हवा किनारों से एक चेम्बर में प्रवेश करती है (जैसा कि चित्र में चेम्बर-1 में दिखाया गया है), तो यह चेम्बर की चौड़ाई में चेम्बर के मध्य भाग की ओर बहती है। यह चेम्बर के मध्य में बने रास्तों से बाहर निकलती है और अगले चेम्बर में प्रवेश कर जाती है।

जब हवा चेम्बर के मध्य में बने रास्तों में प्रवेश करती है (जैसे चित्र में चेम्बर-2 में दिखाया गया है), तो यह चेम्बर की चौड़ाई में किनारों की ओर बहती है। यह चेम्बर के दोनों किनारों पर बने रास्तों के माध्यम से बाहर निकलती है और अगले चेम्बर में प्रवेश करती है।

बारी-बारी से चेम्बरों में हवा के बहाव की दिशा उलटने के कारण, भट्टे में ज़िगज़ैग बहाव बनाता है।

एक एन.डी.जेड.के. की गली में ईंटों की भराई कैसे की जाती है?

गली में ईंटों की भराई
गली क्षेत्र में ईंटों की भराई
गली क्षेत्र के प्रवेश पर बाहरी छोर (बाहरी दीवार के अंत में) पर छोड़ी गई झिर्रियां
गली क्षेत्र के प्रवेश स्थान में भट्ठे के बाहर की दीवार की तरफ छोड़े गये रास्ते

ज़िगज़ैग ईंट भराई केवल आयताकार ट्रेंच की बड़ी लंबाई में की जाती है। आयताकार ट्रेंच की छोटी लंबाई में, जिसे गली कहा जाता है, ईंट भराई एफ.सी.बी.टी.के. की तरह ही की जाती है।

गली (आयताकार ट्रेंच की छोटी लंबाई) में, आखिरी लाइन को छोड़कर बाकी सभी लाइनों में एफ.सी.बी.टी.के. की तरह ही समान रूप से एक ही चौड़ाई के ईंट के पाये बने होते हैं । हवा इस क्षेत्र में एक सीधी रेखा में बहती है। गली क्षेत्र के प्रवेश और निकास पर, मुहांने (रास्ते) केवल ट्रेंच की बाहरी दीवार के पास ही छोड़े जाते हैं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि हवा भट्टे में ट्रेंच के कोने से बहे जिससे जितना संभव हो उतनी ज्यादा ईंटों तक गर्मी पहुंचायी जा सके। बाहरी दीवार के पास मुहांने (रास्ते) से भट्ठे के मियाने के पास हवा के बहाव का शॉर्ट सर्किटिंग को भी रोका जा सकता है।

अन्य नॉलेज ब्रीफ के लिए यहाँ क्लिक करें एक नेचुरल ड्राफ्ट जिगजैग भट्ठे (एन.डी.जेड.के.) में ईंटों की भराई कैसे की जाता है? मुखपृष्ठ के लिए यहाँ क्लिक करें Click here to go to User Home