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फायरिंग (झोंकाई) की विशिष्ट ऊर्जा खपत – यह क्या होती है और आपको इसका उपयोग क्यों करना चाहिए?

अनंतकृष्णन रवि | मंगलवार 4 सितम्बर 2018

ईंट भट्ठा मालिक ईंट बनाने की मूल प्रक्रिया से परिचित हैं: मिट्टी को तैयार करना, ईंटों की पथाई, कच्ची ईंटों को सुखाना और अंत में, फायरिंग (झोंकाई)।

ईंट बनाना एक ऊर्जा सघन प्रक्रिया है, जिसमें अधिकांश ऊर्जा की खपत ईंटों की झोंकाई में होती है। ईंट बनाने का आखिरी चरण फायरिंग है, जो विभिन्न खनिजों से तैयार कच्ची ईंटों को मजबूत और स्टेबल बनाता है। यह फायरिंग प्रक्रिया उत्पादित ईंट के गुणों को निर्धारित करती है, जिसमें उनकी मजबूती और पोरोसिटी शामिल है। यह सभी ईंट निर्माताओं के लिए ईंट बनाने की मूल प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण कदम बन जाता है।

पकी हुई ईंटों द्वारा खपत की गई ऊर्जा की गणना करना एक महत्वपूर्ण मानक है जिसका उपयोग भट्ठे के प्रदर्शन को मापने के लिए किया जाता है। अधिकांश ईंट निर्माता प्रति लाख ईंटों के उत्पादन में इस्तेमाल किए जाने वाले ईंधन की टन में संख्या से अपने भट्ठे के ऊर्जा प्रदर्शन की गणना करते हैं। हालांकि, यह ऊर्जा प्रदर्शन को मापने का सबसे अच्छा तरीका नहीं है। इस संदर्भ में, विशिष्ट ऊर्जा खपत या एस.ई.सी., का उपयोग भट्ठे की ऊर्जा दक्षता को समझने के लिए किया जाता है। एस.ई.सी. की गणना एक किलो की पकी ईंट के उत्पादन के लिए उपयोग में आने वाली थर्मल ऊर्जा की मात्रा को मापकर की जाती है । एस.ई.सी. मिट्टी का प्रकार, संचालन के तरीके, और भट्ठे की तकनीक पर निर्भर करता है।

यदि आप एक ईंट भट्ठे के मालिक हैं, और आपको लगता है कि आपके भट्ठे की एस.ई.सी. (विशिष्ट ऊर्जा खपत) ज्यादा है, तो आपको अपने भट्ठे के चलाने के तरीकों को बेहतर बनाने की योजना तैयार करनी चाहिए। आप एक बेहतर ईंट उत्पादन तकनीक में बदलाव करने पर भी विचार कर सकते हैं। ज़िगज़ैग भट्ठा और वर्टिकल शाफ्ट ईंट भट्ठा (वी.एस.बी.के.), जैसी कुशल फायरिंग तकनीक में, क्लैंप और फिक्स्ड चिमनी बुल्स ट्रेंच भट्ठा (एफ.सी.बी.टी.के.) जैसी पारंपरिक तकनीकियों की तुलना में कम विशिष्ट ऊर्जा खपत होती है।

निम्नलिखित तालिका कुछ प्रकार के ईंट भट्ठों के लिए विशिष्ट एस.ई.सी. को दर्शा​ती है, जिन्हें भारत में मापा गया था।

भट्ठे का प्रकार विशिष्ट ऊर्जा खपत की सीमा (मेगाजूल / कि.ग्रा.)
फिक्स्ड चिमनी बुल्स ट्रेंच भट्ठा (एफ.सी.बी.टी.के.) 1.1 to 1.5
ज़िगज़ैग भट्ठा 0.9 to 1.2
वर्टिकल शाफ्ट ईंट भट्ठा (वी.एस.बी.के.) 0.6 to 1.0
क्लैम्प 1.5 to 4.0

 

एस.ई.सी. की गणना के लिए, न केवल उत्पादित ईंटों का वजन बल्कि कैलोरीफिक मान (सी.वी.) और भट्ठे में उपयोग किए जाने वाले सभी प्रकार के ईंधन की मात्रा की आवश्यकता होती है।

आइए एक उदाहरण से यह देखें कि एस.ई.सी. एक बेहतर गणना विधि क्यों है। मान लीजिए पटना में स्थित दो ईंट भट्ठे, एक एफ.सी.बी.टी.के. और दूसरा ज़िगज़ैग भट्ठा, दोनों प्रति लाख ईंट 15 टन कोयले की खपत करते हैं और उन दोनों की उत्पादित ईंटों का वजन 3 किलो प्रति ईंट है। यदि कोई और जानकारी उपलब्ध नहीं है, तो कोई यह निष्कर्ष निकाल सकता है कि दोनों भट्टों का ऊर्जा प्रदर्शन समान है। लेकिन यह अतिरिक्त जानकारी साथ में हो कि दोनों भट्ठों में इस्तेमाल किए जाने वाले कोयले का प्रकार समान नहीं था – एफ.सी.बी.टी.के. यू.एस. कोयला (कैलोरीफिक मान 6,500 किलो कैलोरी / किलो) का उपयोग करता है और ज़िगज़ैग भट्ठा असम कोयला (कैलोरी​फिक मान 5,800 किलो कैलोरी / किलो) का उपयोग करता है, तो हम एस.ई.सी. के माध्यम से यह पता लगा पाते हैं कि ज़िगज़ैग भट्ठे की एस.ई.सी. 1.22 मेगाजूल / कि.ग्रा. है और एफ.सी.बी.टी.के. की एस.ई.सी. 1.37 मेगाजूल / कि.ग्रा. है। एफ.सी.बी.टी.के.  की तुलना में ज़िगज़ैग भट्ठा कम ऊर्जा का उपयोग करता है।

आइए एक और उदाहरण देखें। यमुनानगर में स्थित एक भट्ठे में झोंकाई के लिए तीन ईंधन का उपयोग होता है – यू.एस. कोयला (10 टन प्रति लाख ईंट), फायरवुड (3 टन प्रति लाख ईंट) और भूसा (3 टन प्रति लाख ईंट)। दूसरे भट्ठे में केवल यू.एस. कोयला (14 टन प्रति लाख ईंट) का उपयोग होता है। दोनों एफ.सी.बी.टी.के. हैं। कौन सा भट्ठा अधिक कुशल है? एस.ई.सी. की सहायता से हम जानते हैं कि पहले भट्ठे में एस.ई.सी. 1.23 मेगाजूल / कि.ग्रा. है, जबकि दूसरे भट्ठे में एस.ई.सी. 1.28 मेगाजूल / कि.ग्रा. है। इसका मतलब है कि दूसरे भट्ठे की तुलना में पहला भट्ठा कम ऊर्जा का उपयोग करता है।

एस.ई.सी. आपको अपने भट्ठे की वास्तविक ऊर्जा की खपत का एक ज्यादा सटीक और यथार्थवादी गणना देता है। एस.ई.सी. एक गणना है, जो आसानी से ईंट भट्ठा मालिकों को अपने भट्ठे की ऊर्जा खपत की जानकारी दे सकता है। ब्रिकगुरु ने आपको कुछ मिनटों में एस.ई.सी. का परिणाम देने के लिए, ऑनलाइन कैलकुलेटर विकसित करके इस प्रक्रिया को आसान बना दिया है। आगे बढ़ें और अपने भट्ठे के लिए एस.ई.सी. की गणना करें।

अपने ईंट भट्ठे के एस.ई.सी. को जानने के लिए, आज ही ब्रिकगुरु वेबसाइट पर एस.ई.सी. उपकरण देखें – https://www.brickguru.in/tool/calculator

उपकरण का उपयोग शुरू करने से पहले, आप जिस सत्र के लिए एस.ई.सी. की गणना करना चाहते हैं उसके लिए निम्नलिखित आंकड़ों की ज़रूरत होती है –

  1. भट्ठा जितने महीनों तक चला उन महीनों की संख्या
  2. आपने कितनी प्रकार की ईंटों का उत्पादन किया
  3. सभी प्रकार की ईंटों का वजन (किलो में)
  4. सभी प्रकार की उत्पादित ईंटों की मात्रा
  5. आपने कितने प्रकार के ईंधन का इस्तेमाल किया
  6. उपयोग किये गये सभी प्रकार के ईंधनों की मात्रा (टन में)
  7. इस्तेमाल होने वाले सभी ईंधनों की लागत (रुपये / टन में)।

अनंतकृष्णन रवि

लेखक: कंसलटेंट, ग्रीनटेक नॉलेज सलूशन्स प्राइवेट लिमिटेड

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