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बिहार ने “जिगजैग ईंट भट्ठों की मानक डिजाईन” एवं “राज्य के ईंट भट्ठों में स्वच्छतर तकनीक अपनाने सम्बंधित निर्देश के कार्यान्वयन के अनुभव पर आधारित केस स्टडी” प्रकाशित की

सोनल कुमार | शुक्रवार 17 मई 2019

बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् द्वारा पटना में 07 फरवरी 2019 को आयोजित एक कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री माननीय श्री सुशील कुमार मोदी द्वारा दो पुस्तकों का विमोचन किया गया – (i) बिहार के लिए जिगजैग ईंट भट्ठों का मानक डिजाईन एवं (ii) राज्य के ईंट भट्ठों में स्वच्छतर तकनीक अपनाने सम्बंधित निर्देश के कार्यान्वयन के अनुभव पर आधारित केस स्टडी।

बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् ने राज्य के ईंट भट्ठों को स्वच्छतर तकनीक अपनाने का निर्देश जारी किया था। इसके फलस्वरूप शुरू के डेढ़ वर्षों में करीब 1500 ईंट भट्ठों (राज्य के कुल ईंट भट्ठों का 20-25%) ने अपने भट्ठों को स्वच्छतर तकनीक वाले भट्ठे में परिवर्तित कर लिया था, एवं इनमें से अधिकांश ने जिगजैग ईंट भट्ठा तकनीक को अपनाया था। शुरूआती अनुभवों से यह परिलक्षित हुआ कि राज्य में स्थापित की जा रही जिगजैग ईंट भट्ठों के डिजाईन में काफी विविधताएँ थीं – ज्यादातर डिजाईन पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश एवं पश्चिम बंगाल में प्रचलित डिजाईनों से अपनाई गयी थी। डिजाईन में विविधता के परिणामस्वरूप राज्य में जिगजैग भट्ठों के प्रदर्शन में भी काफी असमानताएं आ रही थी। कुछ भट्ठों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप था तो कुछ भट्ठे अपेक्षा अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर रहे थे। इसके मद्देनजर जिगजैग ईंट भट्ठे का एक मानक डिजाईन, जो बिहार राज्य के आवश्यकताओं के अनुरूप हो, को तैयार करने का निर्णय पर्षद् द्वारा लिया गया।

चूँकि राज्य में अभी भी 5000 ईंट भट्ठे स्वच्छतर तकनीक (अधिकांशतः जिगजैग तकनीक) में परिवर्तित होने बाकी थे, एक मानक डिजाईन की उपलब्धता तकनीक परिवर्तन में ईंट उद्योग के लिए काफी मददगार हो सकती है। इसी उद्देश्य से बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् ने बिहार राज्य के लिए जिगजैग भट्ठों की मानक डिजाइन तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया। इस समिति में बिहार सरकार के सम्बंधित विभाग (खनन विभाग, उद्योग विभाग), ईंट उद्योग से सम्बंधित तकनीकी विशेषज्ञ संस्थाएं (ग्रीनटेक नॉलेज सौल्युसंस, पंजाब राज्य विज्ञान एवं तकनीकी परिषद्), शैक्षिक संस्थाएं (आई आई टी पटना, एन आई टी पटना), बिहार ईंट निर्माता संघ के प्रतिनिधि, एवं उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के दो विशेषज्ञ ईंट निर्माता शामिल थे। शक्ति सस्टेनेबल एनर्जी फाउंडेशन की सहायता से ग्रीनटेक नॉलेज सोलूशन्स ने जिगजैग भट्ठों की उपलब्ध डिजाइनों की समीक्षा, तकनीकी विश्लेषण, एवं राज्य के लिए एक मानक डिजाईन तैयार करने में विशेषज्ञ समिति को तकनीकी सहयोग प्रदान किया। इस मानक डिजाईन को तैयार करने में लगभग 4 महीने का समय लगा।

बिहार राज्य में ईंट भट्ठों को स्वच्छतर तकनीक में परिवर्तित करने का निर्देश दो चरणों में जारी किया गया था – पहले चरण में इस निर्देश को फरवरी 2016 में प्रयोग के तौर पर पटना जिले के केवल 5 ब्लॉको के लिए जारी किया गया था। ईंट निर्माताओं को तकनीकी परिवर्तन में मदद करने के उद्देश्य से एक वर्ष के लिए तकनीकी सहयोग का कार्यक्रम भी चलाया गया था। राज्य के ईंट भट्ठों में स्वच्छतर तकनीक अपनाने सम्बंधित निर्देश के पहले चरण के कार्यान्वयन के अनुभवों के आधार पर एक केस स्टडी तैयार की गयी है जिसका विमोचन भी माननीय उपमुख्यमंत्री द्वारा किया गया। इस केस स्टडी में पर्षद् के निर्देश के कार्यान्वयन के लिए अपनाई गयी रणनीति एवं प्रक्रिया, एवं इसके परिणाम और अगले चरण के लिए सुझावों पर चर्चा की गयी है। इस केस स्टडी में दिए गए सुझाव दूसरे चरण के निर्देश, जिसमे अगस्त 2017 में समूचे राज्य के सभी ईंट भट्ठों को स्वच्छतर तकनीक में परिवर्तित करने का निर्देश दिया गया था, के कार्यान्वयन में काफी मददगार साबित हुए।

“बिहार के लिए जिगजैग ईंट भट्ठों का मानक डिजाईन” डाउनलोड करने के लिए, यहां क्लिक करें

“राज्य के ईंट भट्ठों में स्वच्छतर तकनीक अपनाने सम्बंधित निर्देश के कार्यान्वयन के अनुभव पर आधारित केस स्टडी” डाउनलोड करने के लिए, यहां क्लिक करें

सोनल कुमार

लेखक: सीनियर कंसलटेंट, ग्रीनटेक नॉलेज सोलूशन्स प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली

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